₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज? क्या दोस्तों को पैसे भेजने पर भी

By ANKIT MEENA

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₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज: जानिए नए नियम में आपके लिए क्या बदला

UPI पर नया चार्ज क्या है?

भारत में UPI भुगतान को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI transactions पर 0.4% MDR लागू किया जाएगा।

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इसे सीधे तौर पर “UPI Tax” कहना सही नहीं है। वित्त मंत्रालय के अनुसार MDR सरकार या NPCI द्वारा टैक्स के रूप में नहीं लिया जाएगा। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे भागीदारों के बीच वितरित किया जाएगा।

क्या दोस्तों को पैसे भेजने पर भी पैसा लगेगा?

नहीं।

अगर आप अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो इस नए नियम के तहत कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह नियम Person-to-Person (P2P) transactions पर लागू नहीं है, चाहे ट्रांसफर की राशि कितनी भी हो।

उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी दोस्त को ₹5,000 UPI से भेजे, तो इस नियम के कारण आपसे 0.4% शुल्क नहीं लिया जाएगा।

UPI को लेकर नया नियम सामने आया है। 15 अक्टूबर 2026 से कुछ ₹2,000 से अधिक के व्यापारी भुगतान पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। लेकिन आम व्यक्ति के एक-दूसरे को किए जाने वाले UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। जानिए पूरा नियम आसान भाषा में।

दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा देने पर क्या होगा?

बदलाव मुख्य रूप से Person-to-Merchant payments से जुड़ा है।

₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान मुफ्त रहेंगे। वहीं चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के P2M transactions पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति transaction रखी गई है।

हालांकि, इस शुल्क को ग्राहक से अलग से वसूलने के लिए दुकानदार को नहीं देना है। वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि MDR का बोझ ग्राहकों पर न डाला जाए। UPI ऐप्स को भी hidden या platform charges लगाने से रोका गया है।

छोटे दुकानदारों को राहत

छोटे व्यापारियों के लिए भी नियम में सुरक्षा रखी गई है। सरकार के अनुसार, छोटे merchants के लिए zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

मसलन, निर्धारित शर्तों के अंतर्गत जिन छोटे दुकानदारों की UPI QR से मासिक प्राप्तियां ₹1 लाख तक हैं, उनके transactions पर zero MDR की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकार के अनुसार करीब 96% merchant transactions प्रभावित नहीं होंगे।

कुछ सेवाओं के लिए ₹5 MDR

कुछ विशेष क्षेत्रों के व्यापारी भुगतान के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का flat MDR लागू होगा।

यह नियम कब से लागू होगा?

नया MDR framework 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना है। इसका उद्देश्य UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उसके infrastructure, cybersecurity, fraud prevention और customer service में निवेश के लिए भुगतान व्यवस्था को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना बताया गया है।

आम UPI यूजर को क्या याद रखना चाहिए?

अगर आप UPI इस्तेमाल करते हैं, तो इन बातों को याद रखें:

  • व्यक्ति से व्यक्ति UPI भुगतान → मुफ्त
  • ₹2,000 तक merchant payment → मुफ्त
  • कुछ ₹2,000 से अधिक merchant payments → 0.4% MDR
  • ₹75,000 या उससे अधिक के eligible transaction → अधिकतम ₹300 MDR
  • कुछ निर्धारित क्षेत्रों में ₹5 flat MDR
  • छोटे eligible merchants → zero MDR
  • UPI पर इसे सरकार द्वारा लगाया गया सामान्य “tax” समझना सही नहीं है।

निष्कर्ष

UPI के नए नियम को लेकर सोशल मीडिया पर “UPI Tax” जैसी बातें तेजी से फैल रही हैं। लेकिन वास्तविक व्यवस्था इससे अलग है। नया शुल्क मुख्य रूप से कुछ बड़े merchant payments पर MDR के रूप में लागू होगा। आम लोगों के बीच होने वाले UPI transfers मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के merchant payments भी इस MDR से बाहर रहेंगे।

इसलिए UPI इस्तेमाल करने वाले आम व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि हर UPI transaction पर 0.4% टैक्स नहीं लगाया गया है। नियम मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े व्यापारी भुगतानों पर लागू होता है।

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